कोंडागांव में शासन द्वारा सप्ताह में पांच दिन के दफ्तर और सुबह 10 से शाम 5:30 बजे तक के कार्यकाल की व्यवस्था सरकारी कर्मचारियों को राहत देने और कार्य के प्रति उत्साहित करने के लिए की गई थी। बावजूद इसके जिले के अधिकारी लापरवाही की हदें पार कर रहे हैं। आज जिला कार्यालय कोंडागांव में अपर कलेक्टर डी. आर. ठाकुर वर्किंग टाइम में दोपहर 12:30 बजे टेबल पर लात देकर सोते हुए कैमरे में कैद हुए। हैरानी की बात यह रही कि उनके केबिन के बाहर जनता मुलाकात के इंतजार में बैठी रही, लेकिन जनसेवा में लगे अधिकारी आराम फरमाते रहे। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
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यह पहला मामला नहीं है। 15 मई को माकड़ी ब्लॉक के रांधना में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान भी चिकित्सा विभाग के स्टॉल पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन और विधायक लता उसेंडी के भाषण के दौरान मंच के पास ही सोते नजर आए थे।
इससे पहले तत्कालीन कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में सोते पाए गए विश्रामपुरी जनपद पंचायत के सीईओ जी. एल. चुरेंद्र को मीटिंग से बाहर निकालकर तत्काल सस्पेंड कर दिया था। अब देखने वाली बात होगी कि वर्तमान कलेक्टर ऐसे ढुलमुल और गैर-जिम्मेदार रवैये पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर ऐसे अधिकारियों को शह देकर लापरवाही को बढ़ावा देते हैं।
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